Subscribe
 

कहानियाँ तो आपने खूब सुनी होंगी, कभी दादी से तो, कभी नानी से। पर क्या आपने कभी एक बच्चे की जुबां से कहानी सुनी है?

'तेनाली के रंग, जूनियर के संग' में 9 साल के अमोघ घिल्डियाल, आपको एक ऐसे इंसान के बारे में कहानियाँ सुनाने वाला है, जो अपनी चतुराई के लिए ही जाने जाते थे। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं तेनाली राम की। पर सिर्फ तेनाली ही इन कहानियों के हीरो नहीं। असली हीरो तो है अमोघ, जिसका कहानी कहने का, अनोखा और  मस्ती भरा अंदाज है। तो चलते हैं, इस रोचक सफ़र पर...

आप सुन रहे हैं एच टी स्मार्टकास्ट और ये है लाइव हिंदुस्तान प्रोडक्शन।