Jo Naseeb Mein Hai Wahi Hoga बकरे की कहानी

Jan 02, 03:08 PM

The moral of this story is that we cannot escape what is written is our fate.

कहानी का सारांश: एक बकरी के बारे में इस कहानी को सुनें जो एक ब्राह्मण द्वारा बलिदान होने वाला है। जब ब्राह्मण के शिष्य बकरी को नहलाने के लिए नदी में ले जाते हैं, तो वह बकरा हंसने लगता है और फिर रोने लगता है। बकरा ब्राह्मण से कहता है कि वह पाप करने की कीमत चुका रहा है। बकरे ने क्या पाप किया था ? और बकरे को क्या कीमत चुकानी पड़ती है? जाने इस कहानी को सुन कर। 

इस कहानी की सीख यह है कि जो हमारे भाग्य में लिखा गया है, उससे हम बच नहीं सकते।

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Summary of the story: When the Brahman's disciples take the goat to the river for bathing, the goat starts laughing and then crying. The goat tells the Brahman that it is paying the price for committing a sin. What is the sin? And what price does the goat have to pay? 

The moral of this story is that we cannot escape what is written is our fate. 

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