मनोहर श्याम जोशी की दसवीं पुण्य तिथि पर उन्हेें याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल आज की विवेचना में.

Apr 01, 2016, 02:54 PM
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हमारे बीच एक मनोहर श्याम जोशी हुआ करते थे. यह कहना ग़लत होगा. ‘एक’ तो वो कतई नहीं थे, कई थे. अपनी अनेकता को साथ लेकर चलते हुए. उपन्यासकार, व्यंग्यकार, टेलिविजन धारावाहिकों के लेखक, फ़िल्म पटकथा लेखक, पत्रकार, संपादक, गज़ब के जुमलेबाज़ और न जाने क्या क्या! उनके निशाने पर था समाज का पाखंड जिसे उनके अंदर के सारे जोशियों नें कभी नहीं बख़्शा.