शहादत जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता
Dec 16, 2016, 12:56 PM
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जब सेकेंड लेफ़्टिनेंट अरुण खेत्रपाल लड़ाई पर जाने के लिए अपना सामान बाँध रहे थे तो उन्होंने उसमे एक नीला सूट और गोल्फ़ स्टिक भी रखी. उनके पिताजी ने पूछा तुम वहाँ ये सब क्यों ले कर जा रहे हो ? अरुण का जवाब था, मैं लाहौर में गोल्फ़ खेलूंगा. और जीत के बाद डिनर पार्टी तो होगी ही... उसके लिए ये सूट ले जा रहा हूँ.’ सुनिए परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल की 45 वीं पुण्य तिथि पर रेहान फ़ज़ल की विवेचना
