30 मिनट में हथियार डालिए... वर्ना

Jan 13, 2017, 11:33 AM
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30 मिनट बाद जनरल जैकब कमरे के अंदर गये. आत्मसमर्पण दस्तावेज़ मेज़ पर पड़ा हुआ था. उन्होंने नियाज़ी से पूछा क्या आप इसे स्वीकार करते हैं. वह चुप रहे. जैकब ने उनसे तीन बार यही सवाल पूछा. फिर जैकब ने वह काग़ज़ मेज़ से उठाया और कहा कि मैं अब यह मान कर चल रहा हूँ कि आप इसे स्वीकार करते हैं. जनरल जैकब की पहली पुण्य तिथि पर सुनिए रेहान फ़ज़ल की विवेचना