Naav bhich nadiya dubi jay

Jan 28, 2017, 03:39 PM
Share
Subscribe

‘‘नाव बीच नदिया डूबी जाय’’- नियम ही नाव है जिसका पालन होने पर भवसरिता सिमटने लगती है। अंततः उसका अस्तित्व ही खो जाता है। संत सुजान हो जाता है। विविध उद्धरणों से साधना के प्रभाव का अंकन इस पद में द्रष्टव्य है।

#Kabir #Mira #Sadhguru