वो फ़ोन कॉल जिसने इसराइल को बचाया
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1973 में इसराइल को इस बात का तो अंदाज़ा था कि मिस्र और सीरिया उस पर हमला करने की योजना बना रहे हैं. लेकिन ये हमला किस दिन होगा इसकी उनको कोई हवा नहीं थी. तभी इसराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी के पास उसके लिए काम करने वाले एक मिस्री जासूस का फ़ोन आया कि हमला एक दिन बाद शुरू होगा. ये जासूस और कोई नहीं मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति गमाल नासिर का दामाद, अशरफ़ मरवान था. इस पूरे प्रकरण पर हाल ही में यूरी बारजोज़ेफ़ की एक किताब प्रकाशित हुई है ‘द एंजिल- द इजिप्शियन स्पाई हू सेव्ड इसराइल’. रेहान फ़ज़ल बता रहे हैं अशरफ़ मरवान के बारे में विवेचना में
