नर्क से हरिशंकर परसाई बोल रहे हैं, ध्यान से सुनिए | QuintHindi

Aug 21, 2017, 02:37 PM
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अगर आजादी के बाद के हिंदुस्तान को समझना चाहते हैं. समझना माने सच में समझना. कोई एकेडमिक चर्चा नहीं. हिंदुस्तान जैसा है वैसा. यानी अपनी तमाम विविधता, विसंगतियों, विडंबनाओं में लिपटा हिंदुस्तान. जिंदा, धड़कता हिंदुस्तान. इस देश की नब्ज टटोलनी हो तो सैकड़ों, हजारों किताबों की जगह आप एक लेखक की चंद किताबें भी उठा सकते हैं. दुनिया उन्हें हरिशंकर परसाई के नाम से जानती है.