मजदूरों को घर वापसी के लिए महज ट्रेन और टिकट नहीं, सम्मान भी दीजिए

May 30, 2020, 06:48 AM
भारत देश के लाखों मजदूर महानगरों की चमचमाती गाड़ी के वो पहिए हैं जिनकी किस्मत में भले ही सड़क पर घिसना लिखा हो पर गाड़ी उनके बिना चल नहीं सकती. लेकिन जब कोरोना महामारी के दौर में इनकी घर वापसी का सवाल आया तो हमारे सिस्टम ने इन्हें शरीर के किसी सड़े हुए अंग की तरह अलग-थलग कर दिया.

सुनिए क्विंट के नीरज गुप्ता का ये पॉडकास्ट जिस में वो बता रहे हैं कि कथा जोर गरम है कि... प्रवासी मजदूरों को वापस उनके घर को भेजने का सरकार का फैसला अचकचाहट और हड़बड़ी से भरा है.